कंप्यूटर हार्डवेयर क्या होता है और उसके प्रकार

शायद आपको पता होगा की कंप्यूटर हार्डवेयर क्या होता है.अगर नहीं पता है तो आप लोग जान जायेंगेवो सारी mechanical device कंप्यूटर हार्डवेयर कहलाती है जो की आपस में connect होती है और सिस्टम की formation करती है.

जिनके मदत से आप input और output जैसे opration फॉर्म करा सकते है आप अपने कंप्यूटर सिस्टम में, input और output जैसे opration किन चिजोकी मदत से होती है वो कुछ devices की मदत से होती है.

जो की कंप्यूटर सिस्टम में आपस में connected होती है, तो ऐ होती है कंप्यूटर हार्डवेयर की definatio.

कंप्यूटर हार्डवेयर
 

Assembling a Computer (कंप्यूटर बनाने के लिए हमे क्या क्या करना पडता है ) –

हमे जभी कंप्यूटर बनाने पड़ते है यानि Assembling करने पडते है, तो उसमे बहुत सारे external Peripherals, बहुत सारे components जो की Keyborad, mouse और बहुत सारे उनको आपस में inter connect करना पडता है.

तो उन सभी प्रोसेस को हम कहते है Assembling a Computer. इसमे  दो types होते है. Same Brand – Same brand   में क्या है की आप सारे components, Peripherals, Keyborad, और mouse सारे एक ही brand का Assembling कर सकते है

Different Brand – Different Brand में आप सारे पार्ट अलग अलग brand के खरीद कर उने Assembling कर सकते है.

Note – आप आपके बजट के हिसाबसे ही brand को चुनकर ही ख़रीदे.

कंप्यूटर हार्डवेयर के प्रकार (Types of Hardware device) –

1)      Input deviceजिन devices का उपयोग करके हम कंप्यूटर सिस्टम को instraction दे या फिर उसे कुछ बता सके उन devices को input device कहते है.

Example – आप keyboard के button को दबाकर कुछ बता रहे हो कंप्यूटर सिस्टम को तो उस चीज को कहते है Input device.

 

कंप्यूटर हार्डवेयर
 

 

Input device Types 

a)      Keyboardkeyboard एक input device है जिसे हम button दबाके कोए भी input हम कंप्यूटर को प्रोविडे कर सकते है

b)      Mouse – जिसे हम point के मदत से हम कंप्यूटर को instruction दे सकते है और ग्राफिकली किसी भी चीज को डबल टच करके open कर सकते है, और mouse की मदत से किसी भी फाइल को drag and drop कर सकते है.

c)       Trackball – अगर आपने देखा होगा पहले के mouse में एक ball आया करती थी निचेके साईट पर जिसको mechanical mouse कहते थे, वो जो ball होती थी उसका भी उपयोग हम point के लिए किया करते थे और उस trackball से भी कंप्यूटर सिस्टम को instraction दीया करते थे हम लोग वो भी input device में आता है.

d)      Graphic Tablet – Graphic Tablet वो Tablet होता है जिसके मदत से हम graphic designe कर सकते है, tablet टाइप का वो बहुत बड़ा device होता है शायद आप सबको तो पता ही होगा, वो USB से कंप्यूटर में connect होता है. Stake less नाम का एक पेन आता है इसकी मदत से आप normaly काम कर सकते है अपने Graphic tablet पर, आपने शायेद देखा होगा किसी youtube channel पर आप उसको बड़ी सी screen पर चला सकते है और graphic types कुच भी बना सकते ह. आप उसपर वैसेही लिख सकते है जैसे की आप अपने notebook में लिखते हो.

e)      Game Controllers – जोभी Game Controllers होते है जैसे की gaming console, joystick other आप उससे भी किसी चीज को instraction दे सकते हो जो आप अपनी मर्जीसे game charactor को चला सकते है, ये सभी चीजे input device में आती है और Game Controllers एक input device है.

f)        Touch screen – जो आपके mobile, computer, laptop और दुसरे और device वो सभी Touch screen  में आने लगे है तो आप उसको Touch करके instraction दे सकते है, तो आय भी एक input device है.

g)      Webcam – Webcam कहा यूज़ होता है, Webcam हमे picture लेने में, विडियो call करनेमे और सभी प्रकार की बाहरकी चिजोका इस्तेमाल के लिए Webcam का उपयोग होता है और बाहर कि चिजे capture करना यानी input device का भाग होता है.

h)      Microphone – Microphone बहार के voice को as a input device से लेता है और जाके हमारे कंप्यूटर में save करता है.

 

2)      Output deviceहम जिस device से button दबाकर कुछ instraction कंप्यूटर को देते है तो वो बदलेमे Monitor पर हमे कुछ देखता है तो वो जो भी चीज को देखा रहा होता है उस चीज को हम Output device बोल सकते है.

 

Output device Types –

a)      Monitor  जो भी हम कुछ काम कर रहे है अपने सिस्टम में उसका output हमे कहा दिखा रहा है Monitor में ही तो दिख रहा है ना, अगर आपको कंप्यूटर में आपका नाम या फिर जोभी कोए टाइप करना हो वो टाइप किया हुवा नाम हमे तो दिखेगा monitor पर तो Monitor सबसे बड़ा output device है.

b)      Printer – Printer का काम क्या होता है soft copy को hard copy में convert कर देना जो भी हमारे पास documents है कंप्यूटर में उसे अगर हमे उसका Print चाहिए हो हम Print के लिए Printer का इस्तेमाल करते है, और USB से प्रिंट connect करके भी प्रिंट देता है तो ऐ भी एक output device हुवा.

c)       Audio Speaker    Audio Speaker  एक इलेक्ट्रिक मैगनेट पर काम करते है and ऐ जो आपके अनेलोग सिगनल होते है उसे आपका audio में convert कर देते है और एभी एक output device होगया.

d)      Headphones इसका भी काम same स्पीकर की तरह है. बस ऐ थोड़ी हलकी अवाज से आपके कानपर output देते है.

e)      Projector Projector लाइट amit करता है picture, motion pictures और video ऐ आपकी लाइट में amit कर देता है.

f)        GPS (Global Positioning System)इसमे आपके सिगनल output होते है, आपके सिगनल amit होते है, आप जहा पर भी हो वहासे सिगनल ही तो निकलते है तभी तो आप track हो पाते है जो भी आपका काम हो आप location से कर सकते है इसलिये ऐ आपका output device है.

g)      Sound Card sound की जो visibility होती है उसपर फ़ीचर होते है, output आपके motherboard को provide करता है.

h)      Video card Sound Card का जो काम होता है वही काम video card का होता है. ईसी लिए आय दोनों output device होगये.

 

 ये भी पडे – 

 

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बिच का अंतर   

·         हार्डवेयर वो सभी चीजे होती है जिसे हम छु सकते है या फिर टच कर सकते है. जैसे की मान लीजिये mouse, keyboard, camera, laptop, mobile ये सभी कंप्यूटर हार्डवेयर के अंदर आता है. Desktop कंप्यूटर लेते है. हम तो उसके अंदर CPU भी लेना पडता है तो उस CPU को खोलनेके बाद उसके अंदर एक फैन होता है, ram, processor, graphic card, तो हम आय सभी चिजोको छु सकते है तो ऐ सब कंप्यूटर हार्डवेयर के प्रकार है. Software वो चीज होती है जो soft होती है जैसे की Photoshop, word, Paint, Notepad, Power point ये सब software होते है.

 

·         Software को आप चला सकते हो उसे छु नहीं सकते, मानो की आप Photoshop में photo edit कर रहे हो तो आप उस software को चला रहे हो उसको कंप्यूटर से बहार नहीं निकाल सकते. अगर आप चाहो तो भी software को अपने हातों में नहीं ले सकते और नाही उसको टच कर चकते हो बस उसका इस्तेमाल कर सकते हो अपने device में. आसान भाषामे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है तो हार्डवेयर वो चीजे होती है जिसको हम छु सकते है और Software को हम छु नहीं सकते सिर्फ इस्तेमाल कर सकते है.

 

सीएमओएस (CMOS) –

CMOS एक सेल है जिसका उपयोग PC में किया जाता है, CMOS  का का full form Complementary Metal Oxide Semiconductor  है.

 

SMPS (switch mode power supply) – 

पाहिले जो मशीने थी हमारी वो ANO और nc उन button से ही हमारी कंट्रोलिंग किया करते थे.अब ज्यादा टार machine कंप्यूटर से ही कंट्रोल होती है और कंप्यूटर से सारि machine कंट्रोल करनेके लिए हमे DC सप्लाई की मदत पड़ते है. और जो DC सप्लाई होता है उसको चलने के किए हमे Multi पल वोल्टेज चाहिए होता है.

 

मान लीजिये गा की कोए हमारा 12 Volte पर काम कर रहा है कोए 24 Volte पर कर रहा है तो ऐसे में हमे SMPS मल्टिपल सप्लाई देता है. तो इश लिए हहम मशिनोमे SMPS लगाते है मानलेजीयेगा कोए मशीन है जो कंप्यूटर के द्रारा कंट्रोल है या कोए भी मशीन DC के द्रारा कंट्रोल है तो वहाँ हम SMPS लगाते ही है ताकि हमे multipal support मिलता है ये ज्यादा costaly नहीं पडता और उसका maintanece बहुत काम होता है.

 

 

HDD (hard disk drive) –

HDD एक storage device होती है जिसको आप external में भी यूज़ कर सकते है. कंप्यूटर में जोभी आपका डेटा होता है, जोभी फाइल होती है वो सब स्टोर करके रखता है. आप कंप्यूटर बंद करते है तो उसके बाद भी आपका डेटा वो save करके रखता है, ऐसा नहीं होता की आप कंप्यूटर को बंद करदो तो वो डेटा Delete नहीं करता है उसको सेव करके HDD में रखता है.

 

SSD (Solid State Drive) –

अगर आप SSD यूज़ करते है तो आपको कंप्यूटर को चलाने में बहुत फरक पड़ता है SSD में disk होता है या एक चिप होती है और HDD में drive होती है. SSD की बहुत long लाइफ होती है और इसकी speed HDD से बहुत अधिक होती है. आपकी pc को SSD बहुत ही fast बना देता है जिसके कारन आपका कोए भी काम fast तरीकेसे हो जाता है.

 

Bios Vs CMOS Explained IN hindi –

1)      Bios यानि की basic input output System. जभी आप आपके कंप्यूटर को start करते हो तो BIOS इमिजली run होता है, BIOS सबसे पाहिले run होता है कंप्यूटर चालू होने के टाइम और उसके बाद start होता है post (Power or self test) इसके इन्दर होता क्या है की कंप्यूटर में जितने भी compunents connect है जितने भी input output device connect है और जितने भी हार्डवेयर connect है. उनसभी चिजोको check किया जाता है और check करनेके बाद ऐ सभी चीजे properly work कर रही होती है तभी आपका windows open हो जाता है.

 

अगर हम शॉट में बात करे तो Bios कंप्यूटर start होनेसे जितने भी काम होते है वो सभी करता हैसिर्फ windows ही नहीं जोभी कोए आपका oprating सिस्टम आपके कंप्यूटर में हो. Bios एक तरह का program है या software है तो हमे इसको किसी जगह save भी करना होता है.  CMOS क्या है CMOS एक तरह का ic है जिसको हम चिपसेट में एंट्री कर चुके है जितने भी सेटिंग है user change कर सकता है वो सारे के सारे सेटिंग, date and time आय सारि information CMOS चिप में save किया जाता है.

 

CMOS चिप एक अलगसे चिप नहीं है जोकि आपको directly देखनेको मिलजाए इसको पाहिले हे chipset में entryget किया गया है. CMOS को काम करनेकेलिय हमे उसको पॉवर देनि पड़ती है कंप्यूटर चालू होनेपर तो उसको पॉवर मिलते हैलेकिन कंप्यूटर बन होनेपर उसको पॉवर मिलती है एक छोटी सी battery से (CR2032) ईसी battery से CMOS CPC को पॉवर देता है. ये भी आपको directly देखनेको नहीं मिलेगा.

 

Hardware definition (हार्डवेयर परिभाषा) –

कंप्यूटर के दो पार्ट होते है Hardware and software. जिस चीज को हम Touch, छु, स्पर्श, कर सटकते है अपनी phisicali तोरपर हम जान सकते है की वो है या नहीं, ऐसी चीजे जीने आप जान सकते है उन चिजोको Hardware कहते है.

 

32 Bit and 64 Bit कोनसा best है 

आजके date में हमारे बिच हमेशा confusion बना रहता है की ई नमे से कोनसा लेना चाहिये कोनसा नहीं, या फिर जोभी लू उसमे कोनसा Bit का होगा और कोनसा Bit का नहीं होगा.

कोनसे machine में कोनसा Bit आता है

Intel Core Solo

32 Bit

Intel Core Duo

32 Bit

Intel Core 2 Duo

64 Bit

Dual-Core Intel Xeon

64 bit

Quad-Core Intel Xeon

64 Bit

Core i3

64 Bit

Core i5

64 Bit

Core i7

64 Bit


32 Bit and 64 Bit
 में फरक क्या है

·         जोभी 32 Bit का processor है उसके उंदर Maximum 4 GB Ram तक ही support करता है यानि 32 Bit के oprating system में आपने 6 gb या 8 gb ram लगा लिया तो वो आपका सिर्फ 4 GB Ram ही यूज़ करेगा या नि support करेगा. अगर आप 64 Bit का processor लगाते है तो आपको Unlimited Ram support करेगा है और आप अपने डेटा को fast तरीकेसे transfer करता है और आप एक ही टाइम पर बहुत सारे काम कर सकते है.

मेरी राय –

अगर आप 4 GB तक Ram यूज़ करते है तो आपका laptop या computer Dual-Core Intel Xeon, Quad-Core Intel Xeon, Core i3, Core i5, या फिर Core i7 हो का यूज़ कर रहे होगा तो ऐ आपके लिए कभी भी सही डिसीजन नहीं होगा, उसका resion आय है की 4 GB का ram आप यूज़ कर रहे है और 64Bit का आपका oprating सिस्टम तो वहाँ पर आपका कंप्यूटर काफी slow हो जायेगा और वहाँ oprating system अची तरह से काम नहीं करेगा.

 

जभी आप अपने कंप्यूटर में 4 GB से निचेया राम इस्तेमाल करे तो oprating system 32 Bit का ही लेना. इसमे कोए problem नहीं है आप जोभी कंप्यूटर या software downloadकरेंगे वो सभी 32 Bit भी चलेगे. क्युकी 32 Bit के oprating system पर 32 Bit काही software run होगा.

 

-अगर आपको किसी प्रकार की दिक्क़त आरही हो कंप्यूटर लेने में तो आप मुजे Comment कर सकते हो, में पूरी कोसिस करूँगा आपकी मदत करने में.

 

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