कंप्यूटर क्या है और उसका उपयोग कैसे करे – What is Computer

कंप्यूटर क्या है  (What is Computer)

आपको पता है कंप्यूटर क्या है. आसान भाषाओं में कहे तो घंटो का काम कुछ मिनटों में कर दे वो और घर बेटे दुनिया की किसे भी चीज को देखे और पड़ सकता है उस साधन को कंप्यूटर कहते है.

आज 2020 में भी कुछ लोग google पर टाइप करते है की कंप्यूटर क्या है और उसका उपयोग कैसे करे. आज जैसे  है उससे बहुत अलग था पहीले का कंप्यूटर.

उस वक्त ना कोए app थे ना गेम और ना किसी types के softwear, लेकिन आज देखो तो बहुत  types के computer उपलभ है दुकानोमे और बजारोमे. आज 2020 में 90% काम online होता है.

और 10% काम ऑफलाइन ईस का मतलब आज की दुनिया Technology हो रही है. साथी साथ online job भी लोगो को  मिल रहे है, आजका इंसान घर बहटे कमा सकता है.

तो आपको अभी समज आया होगा की कंप्यूटर क्या है. आज इश दुनियामे सबसे बड़ा मार्केट कोए है तो वो Google का है और हम कंप्यूटर के आलावा उसका ज्यादा ईस्तमाल नहीं कर सकते.

आसन भाषामे ये सबसे बड़ी कड़ी है जो हमें Technology से जोड़े रखती है.

कंप्यूटर क्या है

कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया और किस सन में किया –

कंप्यूटर क्या है उस टाइम में किसीको पता नहीं था. लेकिन सन १८२२ में mechanical computer को Charles babbage के द्रारा आविष्कार किया गया. लकिन ये कंप्यूटर कुछ अलग था अब के मुकाबले और उसका structure आज के तरह नहीं था.

इसलीय सन १८३७ फिरसे Charles babbage के द्रवरा पहला general mechanical computer सादर किया गया उसका नाम Analytical Engin था.

वैसे ये दिखनेमे बहुत अलग था अगर आज सन 2020 का कोए इंसान इसको पहिली बार देखता तो उसको समज ही नहीं आता की ये हे क्या चीज है. लेकिन उस वक्त का ये सबसे बड़ा आविष्कार था जो की किसने सोचा ना  था वो Charles babbage ने कर दिखायाथा.

आज के जितने भी कंप्यूटर है वो सभी प्रोसाहित है उनके बनाये आविष्कार से.

Computer का फुल फॉर्म  –

C  –  Common (साधारण या सामान्य)

कंप्यूटर को Common Word का उपयोग इसलिए किया गया है की उसका कोए भी साधारण व्यक्ति या सामान्य व्यक्ति चला सकता है.

O –  Operating  (चलाना)

Operate का ईस्तेमाल इशलिये किया गया है की एक से अधिक मशीन को चलाने वालेको Operater कहा जाता है.

–  Machine (यंत्र)

कंप्यूटर का उपयोग बहुत प्रकार में किया जाता है जैसे की किसको photo भेजना या Photo Download करना, ईमेल भेजना, या फिर किसी चीज की जानकारी निकालना और इस से जुडी बहुत सारी काम आप कर सकते है ईस लिए Machine का उपयोग किया है.

–  Particularly (विशेष रूप से)

इसका जहा भी उसका उपयोग किया जाता है वहाँ पर किसी विशेष रूप से उपयोग किया जाता है ईश लिए Particularly word का उपयोग किया गया है.

–  Uses/User (कार्य या फिर कार्य करने वाला)

ईश शब्द का उपयोग इशलिय किया गया है की काम करने के लिए कार्य और कार्य करने वाला दोनों चाहिए इशलिय उसका उपयाग किया गया है.

–  Technological  (प्रौद्योगिकीय)

इस जग में सबसे ज्यादा इस्तेमाल काम में कंप्यूटर का होता है, जहा भी कही होता है ईसका इस्तेमाल व्यापर के लिए ही किया जाता है. इश लिए Technological word लिया गया है.

E –  Engineering (अभियांत्रिकी)

हम इसको तभी चला पायंगे जब हमे उसका पूरा शिक्षा हो यानि की पूरी जानकारी हो, इश लिए Engineering का इस्तेमाल किया गया है.

–  Research (अनुसंधान)

इशका  इस्तेमाल इशलिये किया गया है की ये research करता है और कंप्यूटर को research करके ही बनाया गया है.

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Computer Basic knowledge in Hindi  –

कंप्यूटर के मुक्य पार्ट

1)     Monitor –

Monitor सबसे बड़ा भाग होता है. उसके अलावा हम कुछ भी देख या फिर समज नहीं पायेगे. जोभी हम करेगे वो हमको समज नहीं आयेगा. मानो की हमे हमारे Photo या फिर Video upload करना है.

तो हमे दिखना तो चाहिये की हम कर रहे हे वो सही है या फिर गलत है. मानो photo/ picture किसीको भेजना हो या फीर स्कूल का फॉर्म भरना हो. तो हमे देखकर ही photo upload करनी पड़ेगी. नहीं तो हमे कैसे पता चलेगा की upload हुवि है या नहीं.

हम यहाँ Computer Basic knowledge in Hindi  में ही सारि जानकारी देते है जिससे आपको समजने में आसानी हो. हमारे Chroma Browser से कोए जानकारी निकालनि हो तो हम कीबोर्ड पर types करना पड़ेगा.

फीर कुछ निकल कर हमारे सामने आयेगा. लेकिन वो कीबोर्ड पर नहीं Monitor पर आयेगा. ईश लिये Monitor सबसे महत्वपूर्ण चीज है और कंप्यूटर के मुक्य पार्ट मैं से एक है.

2)  कीबोर्ड –

कीबोर्ड बड़ी कमालकी चीज है. जिसने भी बनाया है उसको इसके बारे में  बहुत कंप्यूटर की Basic knowledge research करके बनाये होगा. कीबोर्ड का इस्कतेमाल करके हम हमारे दिमाग में जो बात चल रही है वो सब लिख सकते है.

यानिकी जो हमे कहना है उसपर लिख सकते है. और इशका उपयोग अलग अलग Software यूज़ करनेमे कर सकते है. उन Software मैं कीबोर्ड का काम बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. जैसे की कोए Photo Editing का Software हो तो उसमे 50% काम कीबोर्ड का होता है.

Example –  अगर आपको किसी चीज यानि आपके फॉर्म की प्रिंट निकालना हो तो आप (Ctrl + P) दबाना पड़ता है जो की कीबोर्ड के मदत से हो सकता है.

3)  Mouse –

Mouse एक input Device है. जो कंप्यूटर के Screen को point करता है. इश point के जरिये हम फाइल, फोल्डर, और दुसरे सभी भागोको खोलनेमे मदत करता है. वैसे ही फाइल को कॉपी करनेमे उनकी जानकारी लेनेमे इस्तेमाल करते है.

इनसभी कमोको करनेकी वजेसे उसको पोइंटिंग Device भी बोलते है. कोए भी computer यूज़ करनेवाला इसको instruction देता है की क्या काम करना है.

इसतरह user और computer के बिच एक inter face की तरहा काम करता है. हमें  इसके हर एक हीस्ये में जानेमे मदत करता है. Mouse का पहला पार्ट button होता है. माउस में कमसे कम दो button तो होते है.

एक लेफ्ट और एक राईट side में. उसका दूसरा पार्ट होता है विल जिसके मदत से हम पेज को उपन नीचे कर सकते है. इन दो पार्ट का उपयोग करके आप कंप्यूटर को कमांड दे सकते हो.

4)  Personal Computer (PC)  –

Pc की सबसे ज्यादा जरुरत है कंप्यूटर को चलने के लिए. आप आपके मुताबिक pc में बदल कर सकते है आप उसकी Ram और उसका processor चेंज कर सकते है.

जैसे की  core i3,  i5, i7, and i9. Pc में एक DVD Multi Recorder  होता है. जिसके मदत से आप Software install कर सकते है. या फिर किसी movie को देख सकते है और उसके पास एक button होता है.

जिससे आप DVD Multi Recorder  अन्दर बहार निकल या फिर डाल सकते है. ऊस button के अलावा भी दो और button होते है, पहला होता है Power On का button जिससे हम कंप्यूटर चालू कर सकते है.

दूसरा होता है restart button इस का इस्तेमाल हम कंप्यूटर को फिरसे चालू करनेमे करते है. आम तोर पर 3 तरके button pc में होते है वो बात अलग है की आपका pc कोनसा है सायद आपके pc में 2 button या फिर 3 से ज्यादा भी हो सकते है.

और इसके अलावा कंप्यूटर में Ram, graphic Card, processor, hard drive ये सब चीजे होती है.

कंप्यूटर का इतिहास क्या है  –

अभी तक अपने देखा कंप्यूटर क्या है अब हम देखेंगी इसका इतिहास. आज के लोगो को कंप्यूटर का इतिहास पता ही नहीं की आज कल आपको कोई गणित करना हो तो आप calculater का इस्तेमाल करते है टाइम और काम बचाने के लिए हम कागज की बजाय calculater का उपयोग करते है.

कंप्यूटर का इतिहास मे यानी पुराने काल में calculater नहीं था और इंसान को कुछ ऐसे यंत्र चाहिए थे जो उसके लिए गणित कर सके. कंप्यूटर का इतिहास हमे ये बताता है की वो एक ऐसे Machine था जो हमारे लिए गणित या फिर अन्य चीजे करता था.

जो calculater का उपयोग हम करते है वो भी एक कंप्यूटर है. पुराने जमानेके कुछ कंप्यूटर जिसका इस्तेमाल गणित करने में किया जाता था, वो ज्यादा तो लकड़ी से या फिर लोहे से बनाया जाते थे.

1)      अबेकस –

आज भि कई स्कूल में इसका उपयोग किया जाता है इसमे बडे number का गणित कर सकते है जो लोग अंदे है उनको गणित सिकाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है इस सिंपल यंत्र में आपको ६३० करोड़ तक आप इसमे गणित कर सकते है.

इसमे कई बिज थे जिसको किसी जगह हटाने से गणित कर सकते थे.

2)      Napiers Bones/नेपियर बोनस  –

इसको multiplication करने में मदत कीई जाती थी.

3)      Slide Rule/स्लाइड रुल –

इसको जायदा तर multiplication और Division करने में यूज़ किया गया था.

4)      Tide predict machine – 

Tide predict machine का उपयोग समुंदर के पानी का स्तर भविष्य में ऊपर होगा या फिर नीचे होगा इसलिए किया करते थे.

5)      Analytical Engine/एनालिटिकल इंजन –

Analytical Engine का मतलब है गहराहीयोमे सोचना ये एक बहुत महत्व का आविष्कार था, आजके सारे कंप्यूटर इसपर आधारित है, इसका आविष्कार Charles babbage की तरफ से हुवा था पर ये सिर्फ कागज पर लिखा हुवा प्लान था.

Charles babbage ने एक असली कंप्यूटर बनानेकी कोसिस किई थी पर नहीं कर पाये क्युकी उस जमानेमय Technology नहीं था की मशीन बना सके. ये कंप्यूटर एक प्लान होने के बावजूद इश्के बारेमे शिकणा बहुत जरुरी है.

Charles babbage का आविष्कार इतना बड़ा था की उनको father of computer नाम दिया गया था, father of computer का मतल है कंप्यूटर के पिता ये कंप्यूटर विस्व का सबसे बड़ा programmable computer (प्रोग्रामेबल कंप्यूटर) था.

इसका मतलब ये कंप्यूटर कोए भी बात या मसला हल कर सकता है. आप इस कंप्यूटर पर game खेल सकते है या गणित कर सकते है या ईमेल भेज सकते है. पहले के कंप्यूटर किसी एक तरह की समश्य हल करने के लिए बनाये गेये थे.

और उसके अलावा वो कोई और कुछ भी नहीं कर सकते थे.

Example – Tired Pradacting Machine ये सिर्फ समुंदर के स्तर की पता चल ने के लिए उपयोग होता है उससे हम गणित नहीं कर सकते. ये सिर्फ एक काम केलिय बनाया गया था, उस काम के अलावा आप उसमे दूसरा कुछ भी काम नहीं कर सकते थे.

इनजैसे कंप्यूटर को बोलते है Special Pourpose computer.

6)      What is Programming Computer – प्रोग्रामेबल कंप्यूटर क्या है   –  

Programming Compute ये कंप्यूटर सारे समस्या का हल करनेका तरीका, रीति या फिर आदेश दे सकता है, आजकल के कंप्यूटर के लिए आदेश देने के लिए हम उपयोग करते है C PROGRAMMING LANGAUGE का उपयोग करते है.

What is Programming Computer  ऐ सवाल फिरसे आपके मन मे आया होगा तो सुनो C को ऐक PROGRAMMING LANGAUGE कहा जाता है, LANGAUGE को भाषा कहा जाता है. C एक ऐसा भाषा है जो हम उपयोग करते है कंप्यूटर को आदेश देने के लिए.

आदेश देने को ही हम  PROGRAMMING है. PROGRAMMING का मतलब है तरीका, रीति, या आदेश. प्रोग्राम को CODE के नाम से भी जाना जाता है, PROGRAMMING का मतला है PROGRAM लिखना और PROGRAMER एक आदमी है जो आदेश लिखता है.

Charles babbage के जमानेमे C नहीं था और electricity भी नहीं थी. ईस लिए उनोने कंप्यूटर को आदेश देने के लिए पनिष्ट कार्ड का इस्तेमाल किया. पनिष्ट कार्ड का मतलब है कागज पर छेद.  छेद की संक्या या पैटर्न बदलने से हम तरह तरह के आदेश दे सकते थे.

ईस पनिष्ट कार्ड को हम कंप्यूटर के अंन्दर डाल सकते थे आदेश देने के लिए कंप्यूटर के अंदर अनेक अवजार थे जो इन छेद को पड़ते थे.

7)      ईनियक –

ईनियक एक इलेक्ट्रिक कंप्यूटर था जो की बिजलिसय चलता था वो एक calculator था उसे ज्यादा तर दुसरे महायुद्ध मैं उपयोग किया गया था. ईनियक का आविष्कार अमेरीका में हुवा. ईशका उपयोग मिसाईल को रास्ता दिखने केलिये किया जाता था.

वो कंप्यूटर इतना बड़ा था की पूरे कमरे के साईज़ का था उसे चलाने के लिए दो से तिन लोगो की जरुरत थी उस समय में वो इतना महत्व का था की उसे सिर्फ सरकारी कामो में यूज़ किया जाता था.

आम आदमी इसको नहीं खरीद सकता था ईनियक एक जनारबल या parpose कंप्यूटर था.  जिस तरह Analytical Engine पनिष्ट कार्ड काउपयोग करता था ईनियक भी पनिष्ट कार्ड का उपयोग करता था क्यु की ईनियक बिजली पर चलता था.

तो उसपर गणित करने के लिए दंत चक्र, लीवर, गैर और उसतरह के चक्र जरुरत नहीं थी. इसमे गणित करने के लिए कुछ इलेक्ट्रिक divice का उपयोग करते थे. उनमे से कुछ है.

a) Vaccum Tube (वाक्च्युम टुब) –

Tube का मतलब तो हम जानते ही है Vaccum का मतलब है जो पूरी तरह से खाली है वहा हवा भी नहीं रहती, science में Vaccum का consepet  या विचार है उसके कई उपयोग है Vaccum Tube का वापर हम करते थे बिजली को चालू और बंद करने में.

b) Capacitor (कैपसिटर) –

Capacitor इश का मतलब है जो बिजली को अय्खटा करता है और तुरंत बहुत तेजीसे रिहा करता है.

c) Resistor (रेसिटर) –

Resistor का मतलब वो चीज जो रुकाव डालता या विरोद करना है, Resistor ऐसा हियो अगर उसमे बिजली चल रहा है तो बिजली को चलने से रुकाव डालता है इश चीज का आप उपयोग कर सकते हो बिजली की मात्रा कम करने के लिए.

d) Diode (डायोड) –

Diode ये एक चीज है जो बिजली को कुछ शर्त बहानेकेलिये आग्या देता है और बहनेसे रोकता है.

e) Transistor (ट्रांजिस्टर) –

ट्रांजिस्टर के बरिमे समजने से पहिले आपको ये समजना पडेगा की इसे क्यों आविष्कार किया गया या इसको आविष्कार करने की वजह क्या थी. ये जानने के लिए आपको फिरसे समजना होगा इनिया के बारेमे इनिया में कही कमिया है.

वो बहुत बड़ा था बहुत बिजली खाता था बहुत गरम होता था और अक्षर ख़राब भी होता था. ईन सबका कारन था Vaccum Tube जो इनिया में हजारो संक्या में थे. तो Vaccum Tube में के कमी थी – एक वो बहुत बिजली खाता था – दो वो बहुत गरम होता था.

इशको थंडा रखनेके लिए AC या airconditionar चाहिए था Ac चलाने के लिए और ज्यादा बिजली चाहिए थी और – तिन और वो अक्सर ख़राब होता था और इनको बदलण्यकी जरुरत थी. बदलना कोइ आसान बात नहीं थी और उस वक्त येक ऐसा आविष्कार चाहिए था.

की जो Vaccum Tube का काम करदे और उसमे Vaccum Tube की कमिया नहीं होनी चाहिये. ये आविष्कार कुच साल बाद आया और उसका नाम था Transistor . लेकिन पहिलेका Transistor  बहुत बडे थे और आजके Transistor  बहुत छोटे है.

हमको उसको देखने के लिए microscop का उपयोग करना पड़ता है, Transistor (ट्रांजिस्टर) को चिप या प्रोसेसर या फिर CPU में डाला जाता है. अब आप पुच सकते है ये इलेक्ट्रॉनिक यंत्र गणित कैसे करते है.

जवाब है बिजली एडजस्ट करने से ईस चीज से आप बिजली को कम या ज्यादा कर सकते है, या फिर एक तरफ से एक तरफ भेज सकते थे बिजली को एडजस्ट करने से हम गणित कर सकते थे.

Integrated Circuit IC क्या है और उसको क्यू बनाया –

Integrated Circuit IC का मतलब है जुड़ा हुवा या मिला हुवा या फिर शामिल समजेंगे की Integrated Circuit IC ने कैसे Circuit को छोटा किया, IC एक silicon के तुकडेसे बनाया जाता है.

ईसी silicon के तुकडेमें Transistor, Resistor, Capacitor, Connecting wire या फिर तार आय सब चीज एक ही silicon के तुकडेमे बनाये जाते है. IC के पहले Circuit में ये सब चीज अलग थी और उन्हें एक तार या फिर वाएर से connect किया जाता था इसको कहते है.

descript Circuit, पर Integrated Circuit IC में आय चीज अलग नहीं थी ईन सबको एक ही silicon के तुकडेसे बनाया गया था, इनको जोड़ने के लिये वायर की भी जरुरत नहीं थी क्यू की वो भी ईसी तुकडोमें शामिल था.

What is silicon सिलिकोन क्या है  –

Silicon एक पदार्थ या मटेरियल है, जो समुंदर के किनारे जो रेत है उस से लिया जाता है. लेकिन फिर आपके मन में ये सवाल आया होगा की what is silicon, Silicon का एक खासियत है की वो सेमी कंडक्टर मटेरियल है.

उसका मतलब है की वो मटेरियल जिसके अंदर हम बिजली को चला सकते है या रोक सकते है. हमने पहिले पड़ा था की कई इलेक्ट्रॉनिक चीज जिसे की Transistor, Resistor, Capacitor का उपयोग करते है.

बिजली बचा ने के लिए क्यू की सेमी कंडक्टिंग मेटेरिअल वही काम करता है हम ईस सब चिजोको Silicon के तुकडे में बना सकते है. ऐसे ही हम एक पूरा Circuit Silicon के ऐक तुकडे में बना सकते है और ईसे कहते है IC.

Integrated Circuit = IC = Microchip = Chip = Microprocessor

कंप्यूटर हार्डवेयर क्या है –

सबसे पहिले हम कंप्यूटर के Motherboard से सुरु करते है ईसे कंप्यूटर का main पार्ट माना जाता है हमारे कंप्यूटर मैं जितने भी हार्डवेयर घटक होते है वो ईसी Motherboard के द्रारा एक विसिस्ट स्लोट से connect किये जाते है.

जिनमे कुछ हार्डवेयर सिस्टम के बाहरी स्लोट से connect किये जाते है. CPU के back साइड में आपका कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर और इत्यादि प्रकारके जो भी हार्डवेयर होता है वो back साइड में connect किया हुवे रहता है.

1)  Hard Disk –

Hard Disk को कंप्यूटर का सेकेंडरी मेमोरी भी कहा जाता है, जभी भी हम कोए डेटा ईदर से उदार ट्रान्सफर करते है या डेटा स्टोर करते है तो वो हमारे Hard Disk में सेव हो जाता है, ऐ एक डेटा केबल से Motherboard connect किया जाता है.

उसी डेटा केबल के माद्यम से हम कोई भी डेटा इसमे सेव कर सकते है और उसको एक्सेस कर पाते है,

2)  इंटरनल मेमोरी (RAM)

RAM ये कंप्यूटर का सबसे बड़ा और इम्पोर्टेन्ट भाग है एइसके अलावा एइसका चलना इम्पोसिबल है अगर इंटरनल मेमोरी की बात किए जाये तो उसमे बहुत प्रकार होते है जैसे की,

DDR        DDR2        DDR3        DDR4

DDR Vs DDR2 Vs DDR3 Vs DDR4  विस्तार से बताये  –

अगर आप DDR मेमोरी खरीदते हो तो आपको कंप्यूटर एक ही टाईम पर एक ही काम अछी तरहसे कर पायेगा अगर एक टाइम पर वो यूजर दो अलग अलग काम करेगा तो उसका कंप्यूटर पहलेके मुताबिक slow चलेगा.

मनो DDR की लोअर लिमिटे 1 है और अप्पर लिमिट 10 है, तो DDR2 की लोअर लिमिटे १० से सुरु होती है और ख़तम २० पर, वैसे ही DDR3 की लोअर लिमिटे २० से सुरु होती है.

और ख़तम ३० पर और सेमें DDR4 की भी होती है और अब तक की सबसे बड़ी Ram DDR4 हे. चलो ये तो होगये प्रकार और उनकी पॉवर जो की एक दुसोरोसे अलग है, अब जानते है के वो किन किन अंको मे आती है और उनसे क्या होता है.

इंटरनल मेमोरी Size – साइज़ को समजना बहुत जरुरी है ताकि आपको पता चले के आप जब भी कोए कंप्यूटर ले तो आपको उसमे कितने साइज़ की ram कितनी हो ये बहुत ही आसन है आपको समजना, अगर आपके पास 1gb size की ram है.

तो आप उससे मुस्किल से 100MB या 500MB का गेम चला पायेंगे, और आपके पास 2GB size है तो आप 500MB से ले कर 1gb तक का गेम अछी तरह से चला सकते है, वैसे ही 4GB, 8GB और 16 GB size पर बड़ी से बड़ी गेम खेल सकते है.

3)  DVD Writer

ऐ भी hard disk की तरहा ऐक डेटा केबल है और ऐभी केबल से Motherboard से connect किया हुवा रहता है. इसके माद्यम से हम कंप्यूटर में डेटा सेव कर सकते है, इसमे हम कोई CD या DVD लगाते है तो उसमे से डेटा को एक्सेस कर पाते है.

ऐ CPU के फ्रंट भाग पर पाया जाता है, उसमे हम DVD या फिर CD डाल सकते है.

4) Processor

जिसे हम कंप्यूटर के ब्रेन के नाम से भी जानते है, जिस तरह मनुष्य का शरीर उनके ब्रेन द्रारा कंट्रोल किया जाता है तो उसी तरह कंप्यूटर को Processor के द्रारा कंट्रोल किया जाता है, इसे कंप्यूटर motherboard में एक विसिस्ट चीज के द्रारा install किया जाता है.

और जब Processor अपना काम कर रहा होता है तब कुछ तरहका तापमान होता है. तो उसे कंट्रोल करने के लिये processor fan का इस्तेमाल किया जाता है. जिसे हम कुलिंग फैन के नाम से भी जानते है, कुलिंग फैन को जस्ट उसके ऊपर install किया जाता है.

ताकि तापमान को कंट्रोल किया जा सके. अगर हम अपने CPU इस्तेमाल बहुत लम्बे समय तक करते है तो हम और भी कही कुलिंग फैन को इसमे install कर सकते है.

5)  SMPS –

SMPS फुल फॉर्म switched-mode power supply होता है जिसे हम कंप्यूटर का पॉवर हाउस भी कहा सकते है इसका काम ऐ होता है, की कंप्यूटर में हर जगहा इलेक्ट्रिक सिटी पोहचाना जिससे हमारा कंप्यूटर चल पाता है.

इससे कंप्यूटर में सारे divice connect किये हुवे रहते है जैसे की motherboard, hard disk, DVD Writer और सभी connect रहते है, हर किसीके पास पॉवर केबल जाता है जिससे उनको इलेक्ट्रिक सिटी मिलती है.

Advantages of computer – कंप्यूटर के फायदे  –

तो चलिए जानते है कंप्यूटर के फायदे,

1)  संचार का सबसे बड़ा मादयम

बेस्ट communication Device एक कंप्यूटर और एक इंटरनेट कनेक्शन ईन दोनों के मदत से ये दुनियाका सबसे बड़ा संचार का माद्यम कहा जाता है, कंप्यूटर पर आप इंटरनेट की सेवा आप किसी बिना रोक टोक के इस्तेमाल कर सकते है.

ये Advantages of computer की फायदे. आप आपके दूर बैटे हुवे दोस्त या फिर रिस्ते दारसे कंप्यूटर पर विडियो और चाट के मादयम से contact कर सकते है. और उसके सात किसीने भेजे गए विडियो और फाइल को आप खोलकर देख सकते है.

जैसे की आप online इंटरनेट पर समाचार पड़ सकते है और देख सकते है online पडाही कर सकते है या विडियो जैसे youtube जैसी वेबसाईट के मदत से आप कुछ ना कुछ सिख सकते है.

2) किसीभी सन साधन को आसान करने में आसानी

Best Easy source sharing  ऐ सुविदा बड़ी कंपनी के लिए बहुत ही लाभदायक रही है. बड़ी कंपनीयोके बहुत यूजर होते है उने इनसे जुडी जानकारीयोके पहुचाना एक साथ करोडो user को massage पहुचाना कंप्यूटर ही एक माद्यम बनता है.

जो नामुमकिन को मुमकिन कर देता है. फाइल को Easy करनेका Device – Best Way Easy File Sharing  जैसे की आप लोग जानते है की कंप्यूटर ही एक मात्र ऐसा सदन या यंत्र है.

जो दुनिया के सभी अन्य फाइल कलेक्शन या memory device से connect हो सकता है. आप अपने किसी भी memory device में कुछ ही समय में कई गुना डेटा या gb के फाइल को शेयर कर सकते हे या ले सकते है.

आप कंप्यूटर पर CD Write भी कर सकते है यानि की अगर आपके कंप्यूटर में CD Write लगा है तो आप फाइल को CD या DVD में भी सेव कर सकते है.

3) सस्ता बजट कंप्यूटर (Low Budget Computer)

ऐ एक बहुत ही सस्ता कंप्यूटर है जिसे हम बड़ी ही आसानीसे Buy या खरीद सकते है, कंप्यूटर बहुत ही सस्ते हो चुके है और बढ़िया कंप्यूटर या लैपटॉप 25 ते 30 हज़ार में आपको किसी भी online या दुकान पर मिल जाएंगे.

आप जरुरत के अनुसार Assemble भी करवा सकते है इससे आपके कुछ पैसे बच सकते है जैसे कुच लोगोको ज्यादा मेमोरी की जरुरत होती है.

वो 500gb या 1TB का hard disk न चुन कर 128gb का लगा सकते है कुच लोगोको अन्य पार्ट जैसे CD Writer की जरुरत नहीं होती है तो उन लोगोको अपने कंप्यूटर को Assemble करलेना चाहिए जिससे आपका खर्च कम होगा.

4) Time की बचत

कंप्यूटर ने हम सबका 80% टाइम बचा दिया है, कंपनी की बात हो या फिर किसी बैंक की बात हो पर कंप्यूटर आनेसे हमारे टाइम की बहुत बचत हुवी है अगर हम ऐसा सोचे की कंप्यूटर आनेसे पहिले लोग बैंक से जुडे सभी कार्य को हातोसे करते थे.

पैसोका हिसाब, पासबुक अपडेट करना सबकुछ हतोसे ही किया जाता था. पर कंप्यूटर आनेके बाद ये काम बिलकुल ही आसान होगये है. आजकल बैंक में सब इंटरनेट से चलनेवाले कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है.

Disadvantages of computer – कंप्यूटर के नुकसान – 

1) Decision – अगर हमे कुछ होता है तो हम खुद डॉक्टर या मेडिकल में जाकर दवाई ले सकते है लेकिन कंप्यूटर को कुछ होता है तो वो खुद कुछ नहीं कर पायेगा.

2) Validation – हम जो कंप्यूटर को डेटा दे रहे है ऐ सही है याफिर गलत है वो ईसे डिटेक्ट नहीं कर पता यानी समज नहीं पाता. कंप्यूटर डिपेंड है दुसरोके ऊपर वोखुद कुछ नहीं कर पाता.

3) Maintenance – कंप्यूटर जोकि बिजली से चलता है, अगर हम टाइम टू टाइम उसका  Maintenance नहीं करते तो वो अची तरह से नहीं चलेगा.

Generation of computer कंप्यूटर की पीडिया  –

1) प्रथम पीडी first generation of computer –  Vacuum Tube (१९३९ – १९५६)

Vacuum Tube जिसका आकार बहुत बड़ा था जिसे की एक कमरेके बराबर था जिसके कारन ईसे एक तरफ से दूसरी तरफ ले जानेमें मुश्किल होती थी और साथी सात बहुत तेजीसे गरम होते थे जिसकी कारन उनको थंडा रखने के लिए AC का यूज़ किया जता था.

Vacuum Tube का स्पीड बहुत कम था और किसी भी काम को करने में असुविदा यानि बहुत परिसानियोका सामना करना पड़ताथा, Vacuum Tube की कीमत की बात करे तो उसकी कीमत बहुत अधिक थी.

2) दूसरी पीडी Second generation – Transistor (१९५६ – १९६३)

Transistor आविष्कार १९५६ से पहिले ही किया गया था, Transistor आविष्कार Bell Laboratory किया गया था Transistor नहुत छोटा था और आय कम गर्म होनेपर भी AC का यूज़ किया जाता था.

Transistor की काम करने की स्पीड Vacuum Tube से बहुत ज्यादा थी. इसकी किम्मत बहुत काम थी और ऐ ज्यादा विश्वसनिये थे.

3) तीसरी पीडी Third generationIntegrated Circuit IC (१९६४ -१९७१)

Integrated Circuit IC एक चिप है जिसमे सेकड़ो transistor को ऐकेत्रित किया जाता है. और इसका साइज़ और छोटा हो गया, स्पीड बड गया है, काम गर्म होता है, विश्वशनीयता बड गया और कीमत काम होगया.

4) चौथी पीडी fourth generation – Microprocessor (१९७१ – अबतक)

Microprocessor क्या है, ऐ एक सिलिकोन चिप है जो लाखो करोडो Transistor को एकेक्रित किया जाता है. ऐ साइज़ में और भी छोटे होगे इसको आज हम हातमें लेजा सकते है, स्पीड और बड गया, गर्म बहुत कम होता है.

विश्वसनीय बहुत अधिक है, और उसकी किम्मत बहुत काम होगया.

5) पाचवी पीडी Fifth generation – Artificial Intelligence (भविष्य में आयेंगे)

इसमे Voice Recognition Software का उपयोग किया जायेगा ईश सॉफ्टवेर का जोभी उपयोग करेगा उसके अवाज से ही कंप्यूटर पर टाईप किया जायेगा, इसका यूज़ Robot मैं या video game मैं किया जायेगा. आने वाली पीडीमै लोग बोलकर टाइप कर सकते है.

Note – अगर आपको कुछ पुचना हो तो आप मुजे comments कर सकते है, आसा करता हु आपको पड़कर अच्छा लगा होगा.

आज हमने क्या सिखा – 

आज हमने कंप्यूटर क्या है और उसका उपयोग कैसे करे ये सिखा. साथ ही साथ कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया  उसके बाद कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ये भी जाना. अभी तक तो आपको पता लग गया होगा की कंप्यूटर क्या है.

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