Storage Devices क्या है (What is Storage Devices) और उसके प्रकार कोनसे है.

क्या आपको पता है Storage Devices क्या है और कितने प्रकार की होते है. जैसा की आप जान चुकें हो कंप्यूटर को कुछ information input की जाती है. फिर उसपर कुछ काम या process किया जाता है और फिर output लिई जाती है, इन सब कमोके अलावा कंप्यूटर हमें process किए गए information को storage करने की सूचना देता है. कुछ समज आया storage devices के बारे में. कंप्यूटर के अंदर information को सही सलामत रखने को storage कहते है.

लेकिन सोच नेकी बात ये है की कंप्यूटर के अंदर Storage करने की जरुरत क्यू पड़ती है, इसका सबसे बड़ा फ़ायदा ये है की आपके ईदर उदर पड़ी information को आप कंप्यूटर में save कर सकते हो और जरुरत पड़ने पर आप उसको खोलकर देख सकते हो. दुनिया के लाइब्रेरी में पड़ी हुवी information आप कंप्यूटर में save कर सकते हो और दुसरोके साथ शेयर भी कर सकते हो. कंप्यूटर में हमें आय काम storage devices के मदत से ना सिर्फ save कर सकते है.

बल्कि इसको दोबारा इस्तेमाल भी कर सकते है. या फिर ईसमे बदल भी कर सकते है. जिस तरह हम Computer में information save करने के लिए input device का उपयोग करते है ईसी तरह हमें information को save करने के लिए storage devices की जरुरत होती है.

 

Types of storage devices (S.D.) –

Storage Devices kya hai

आपके मन में अभी चल रहा होगा की Types of storage devices या इनमें भी प्रकार होते है, तो इनमें दो प्रकार होते पहेला होता है Primary Storage Devices और दूसरा होता है Secondary storage devices. आगे हम इन दोनो के बारे में सब कुछ जानेंगे आखिर Types of storage devices होते क्या है और उनका उपयोग कैसे करते है.

 

      1) Primary Storage Devices –

Primary Storage Devices ऐसे Devices को कहते है जो कंप्यूटर के अंदर एक महफुस part पर लगी होते है, जिसको motherboard कहते है. इन Devices को कंप्यूटर की memory भी कहा जाता है. ये इसी तरह है जिस तरह इंसान के जहेन में store होने वाली यादे जिसको हम memory कहते है.

 

Rom (Read Only Memory) –

यानी ऐसी Memory जिस में store किए हुवी information पड़ सकते है. Rom में पहले से ज्यादा information को नाही बदल सकते है और नाहीं नए information को save कर सकते है. ये बिलकुल उसी तरह है जिस तरह किसी पत्तर पर कुछ लिखा जाये और उसे मिटाया नहीं जा सकता. Rom में store किए जाने वाली information हमेशा इसमे stored रहती है,

 

और कंप्यूटर को बंद करने से भी ख़तम नहीं होती है. इस वजह से इसे Permanent Memory का नाम भी दिया जाता है, इस memory में कंप्यूटर start होने की information पड़ी होती है जोकी manufacture के वक्त डाली जाती है. अगर Rom ना हो तो computer start नहीं हो सकता.

 

Ram (Random Access Memory) –

Primary Storage Devices का दूसरा प्रकार Ram है, यानी Random Access Memory. यहाँ पर वो information store किए जाती है जो computer currently process कर रहा होता है, यानी जिस information पर काम हो रहा हो. अगर किसी वजह से computer बंद हो जाये तो ram में पड़ी हुवी information उसी तरह गायब हो जाती है जिस तरह रेत पर लिखा हुवा अक्षर लहरो से आनेसे मिट जाता है. 

इसलिये Ram को Volatile Memory भी कहा जाता है. जभी आप कंप्यूटर में काम करते है वो input, output, या फिर process हो वो सबसे पहले इसी memory में save होती है. Ram में आप नाकी store किए हुवी information पड़ सकते है बल्कि नए information को store भी कर सकते है. और पहले से मोजूद information को update या फिर delete भी कर सकते है.

 

Size of Memory –

यानी memory या storage को किस तरह मापते है जिस तरह हर चीज को मापने के लिए एक unit होता है, अगर आप दूध लेते हो तो हम लीटर में मापते है, फल खरीदते है तो किलो के हिसाब से और पेंसिल खरीदते है तो डजन के हिसाब से, इसी तरह कंप्यूटर में कोए देता store करने के लिए हम जो unit यूज़ करते है उसको Bytes कहते है. 

अगर आप लिखते है India यानी ये 5 characters हो गए यानी कंप्यूटर के हिसाब से 5 Bytes. हर characters को store करने के लिए जीतनी जगह लगते है उसको हम एक bytes कहते है. जितने bytes है उतने characters आप कंप्यूटर में store कर सकते है, ये एक छोटा unit है जैसे की ग्राम, 1000 G = 1 KG (Kilogram) इसी तरह 1024 bytes = 1 KB (Kilobyte) बनती है जिसे हम 1 Kilobyte लिखते है. 

उसी तरह 1024 KB = 1MB (Megabyte) होता है और 1024 MB = 1GB (Gigabyte) मिलकर बनाते है. मार्केट में 4 GB और 8 GB की ram आसानी से मिल जाते है.

 

       2)   Secondary Storage Devices –

Primary Storage Devices के तरह Secondary Storage Devices भी data और information save करने के लिए इस्तेमाल होती है. आइए देखते है Primary Storage Devices के होते हुवे भी कंप्यूटर में Secondary Storage Devices की क्या जरुरत है. आप जानते है ये P.S.D. में Ram के अंदर information कुछ देर तक ही रहती है कंप्यूटर बंद होने पर information मिट जाती है. 

इसी तरह Rom के अंदर चाहे बीतो information store कर ही नहीं सकते इसलिये हमें ऐसे storage device के जरुरत है जहा हम खुद information को इस तरह store कर सके की कंप्यूटर के बंद होने पर भी save रहे. इस तरह Secondary Storage Devices बनाने के जरुरत सामने आई. ये वो storage येरिया है जिस में Primary Storage के मुकाबले ज्यादा data save किया जा सकता है. 

अगर कंप्यूटर की power off भी हो जाये तभी इन Storage Devices में हमारी information save रहती है इसी लिए ये Non Volatile Storage Device भी कहलाती है.

 

Magnetic Disk –

Hard Disk ये Magnetic Disk के अंदर आती है.

1)      Hard Diskइसे hard disk इसलिये कहा जाता है क्युकी ये hard material की disk होती है ये एक keysing में sell होती है. आप तोर पर एक keysing के अंदर एक से ज्यादा hard disk इकट्टा किए जाते है ताके ज्यादा information और data store किया जा सके, इसमें भी data एक circular form में save हो जाता है. जैसा की music disk में किया जाता है, इसकी storage capacity बहुत ज्यादा होती है यानी हम इसमें बहुत ज्यादा data save कर सकते है. 

      आजकल कही हज़ार GB तक की hard disk मार्केट में असानिसे मिल जाती है. यानी हम hard disk के जरिये कंप्यूटर में बहुत सा data text, Images, Music, और video वगेरा असानिसे store कर सकते है. जैसा की आप जानते है flash drive से हम data असानिसे एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते है. ये सारी चीज hard disk में इतनी असानिसे उपलब्ध नहीं है लेकिन एक flash drive इतनी उपयुक्त नहीं जीतनी hard drive है.

      क्यू की hard drive एक जगह sell होती है और flash एक जगह नहीं होती. Hard disk भी magnetic disk है. अगर उसके पास strong magnet ले जायेंगे तो आपका data या information ख़राब हो जाएगी. इसी तरह hard disk को ज्यादा temperature और magnet से दूर राखिये.

 

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Optical Disk –

Secondary Storage Devices के एक और आम टाइम ये optical disk कहलाती है. इसे optical disk इस लिए कहा जाता है क्युकी इसके ऊपर data लिखने के लिए lessor का इस्तेमाल किया जाता है. इसका diameter 4.75 होता है और इसकी मोटाये 1/20th इंच से भी काम होती है. Optical disk भी flash disk की तरह एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते है, इसमें आम इस्तेमाल होने वाली types में CD Rom, Write Once Read Many Disks, Rewritable CD’s, और DVDs मोजूद है.

 

         1)      CD Romआईए इसके पहले types CD Rom के बारेमें जानते है. Compact disk ये भी एक disk की शकल होती है इसके साथ rom का शब्द इसलिए लगाया जाता है. क्यू की जिस तरह Primary Storage में Rom से सिर्फ information read कर सकते है इसी तरह इस disk से हम lnformation पड़ सकते है लिख नहीं सकते है. ये देखिये आपको मार्केट में audio और video CD देखने को मिल जाते है वो भी एक disk ही है. हो सकता आपने इंनी audio और video CD पर music भी सुना हो और कुछ फिल्म भी देखी हो.

 

         2)      Write Once Read Many Disks – optical disk की ये एक और types है जिसको (WORM) Write Once Read Many Disks भी कहा जाता है. ये भी compact disk है ये देखने में बिलकुल CD Rom जैसी ही लगती है. इन CD पर information एक ही बार write कर सकते है. यानी एक बार information write करने के बाद दोबारा इसपर कोई information नहीं लिखी जा सकती. इस cd पर store किया हुवा data हम बार बार read कर सकते है, इस तरह की cd को आप अपने काम को या store करने के लिए कर सकते है.

 

          3)      Rewritable CD’sजैसा की नाम से जाहिर है ये वो CD’s है जिनपर hard disk की तरहा ना सिर्फ data store कर सकते है बल्कि इसको change या remove भी किया जा सकता है. यानी आप इन CD’s पर बार बार information read या write कर सकते है.

Advantages – आम तोर पर CD Rom, WORM disk और Rewritable CD’s पर 650 MB से लेकर 800 MB तक का data store किया जा सकता है, इनके मदत से हम ज्यादा data एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते है. इन CD’s को इस्तेमाल करते समय खास खयाल रखे इनपर scratches ना पड़े ताके आपका data delete ना हो.

 

          4)      DVDहमारे रोज के जिंदगी में बहुत सारा ऐसा data होता है जो एक cd पर पूरा नहीं आता movies, images, music और बहुत सारा data, इसलिये हमारे पास DVD मोजूद है. आपको ये जानकर हैरानी होगी DVD को निर्माण करने का मकशद video को store करना था इसी लिए इसको Digital Versatile disk कहा जाता था. इसके बनाने वालोने इसका नाम Digital Versatile disk इसलिये रख दिया ताकि इसमें video, text, और graphic store होते है. इसकी storage capacity बाकी cd से बहुत ज्यादा होती है. DVD के दो भाग होती है पहला DVD Rom और दूसरा DVD Ram.

A)  DVD Rom – DVD Rom भी cd rom की तरह काम करती है यानी की इसपर की information सिर्फ read किए जा सकते है, इसे modify या remove नहीं किया जा सकता. किसी DVD Rom पर save किए हुवी movie आप देख तो सकते हो लेकिन किसी नए movie को आप इसमें store नहीं कर सकते.

B)  DVD Ram – Rewritable CD’s की तरह ये भी काम करती है यानी इनमें आप नाकी data read कर सकते है बल्कि इसमें आप नया data store भी कर सकते है और पहले से मोजूद data remove भी कर सकते है.

DVD Storage Capacity –

4.7 GB (Single-Sided, Single-layer)

8.5 GB (Single-Sided, double-layer)

9.4 GB (double-Sided, Single-layer)

17.08 GB (double-Sided, double-layer)

DVD भी CD की तरह असानिसे ईदर से उदर ले जा सकते है.

 

Other Devices –

Magnet disk और Optical disk के अलाव भी storage devices मोजूद है, Magnetic Tap एक आम storage device है. magnetic Tap पर data एक लाइन में इस तरह पड़ा होता है जो data पहले store किया होता है वो पहले पड़ा जाता है और जो data बाद में store किया हुवा जाता है वो बाद में पड़ा जाता है. जब के Magnet disk और Optical disk में ये जरुरु नहीं होता है की पहले store किया हुवा data पहले ही पड़ा जाये. 

Magnetic Tap की storage capacity बहुत ज्यादा होती है और इसपर आप data या information की एक copy बनाकर लंबे अरसे के लिए रख सकते है. इस बात का खयाल रखे की ये tap’s magnet से दूर रहे ताकी आपकी information ख़राब ना हो.

 

आज हमने क्या सिखा –

आज हमने computer Storage Device के बारे में पूरी A से लेकर Z तक पूरी जानकारी सीखी, उसी के साथ Types of storage devices यानी storage devices में कितने प्रकार होते है और वो कोण से होते है. उसके बाद हमने Primary Storage Devices क्या होता है उसका उपयोग कैसे करे और उसके अंदर Ram और Rom ये दो प्रकार होते है. 

उनका उपयोग क्या है उनका full form क्या है. उसके बाद हमने Secondary Storage Devices क्या है और उसको क्यू बनाया गया उसकी पूरी जानकारी हमने आज सीखी. उसके बाद Magnetic Disk क्या होती है और वो किसके अंदर होती है Magnetic Disk hard disk के अंदर होती है और वो काम किस तरह करती है. उसके बाद hard disk, flash disk, SSD क्या होती है.

उसका उपयोग क्या है और उसमें कोनसे प्रकार होते है. Optical Disks किसी कहते है और उनमें कितने प्रकार होते है उनका उपयोग क्या है CDs और DVDs क्या है उनका उपयोग क्या है. उसके बाद हमने कुछ other storage device के बारे में जाना जैसे की magnetic tap क्या है और उसका आकार क्या है. 

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